• my poetries

    यह बात मुसाफ़िर क्या जाने। हर-बात मुसाफ़िर क्या जाने। हर-बात मुसाफ़िर क्या जाने। जज्बात मुसाफ़िर क्या जाने। यूँ आते-जाते रहते हैं, यूँ आते-जाते रहते ...
  • आज फिर आसमां पर तारों को चलते देखा है। धीरे-धीरे, धीरे-धीरे, रात को ढलते देखा है। कभी बादलों के ओट में चाँद को छुपते ...
  • my poetries

    उनकी अदाओं का क्या कहना… बुलाकर पास हाय रूठ जाना उनका। दबाकर होंठ यूँ ही मुश्कुराना उनका। बड़ी नज़ाकत से इतराना उनका। उगलियों से ...
  • my poetries

    कैसी है यह दुनियाँ रे। लोग यहाँ बानियाँ रे ॥ लाभ लाभ करते हैं । कोई लव नहीं करते हैं॥ आँधी वो तुफनो में। ...
  • my poetries

    लगता नहीं है दिल मेरा इस जहान में। जब से जुदा हुई है जान मेरी मेरी जान से॥ कोई गम का नहीं गम था ...
  • my poetries

    खुश हूं मैं तेरे प्यार के बिना भी अपनी बोतल के साथ डूब जाऊंगा बोतल में तेरी याद आने के बाद कह दो मुझे ...
  • myPoetries.com

    वो नक़ाब में भी यारों क्या क़यामत लगती है। सोचता हूँ गर वो बेनक़ाब हो जाती तो क्या होता। जिन्हें दूर से देख़ कर ...
  • my poetries

    हर किसी के जुबां पर बस मेरा ही असर था। वरना मुहब्बत मेरी यूँ सरेआम हो जाते नहीं। ख़ामोश खड़े थे सभी जिन्हें जमाने ...
  • आज फिर उनमें इक शुरुर सी छा रही है। अरे वो अपनी मैयत खुद ही सजा रही हैं। हर शक्श परेशान है यह मंज़र ...
  • एक बार जंगल का शेर शहर में आया। उंसने सड़क पर कुत्ते को, शेर की तरह चलते पाया।। शेर को बहुत गुस्सा आया। उसने ...